वेलेंटाइन
कितनो को इश्क होता है
कितने दिल टूटते है
कितनो का प्यार छूटता है
ये हफ्ते भर का प्यार
क्या सालों साल चलता है
या फिर अगले साल
एक हफ्ते के लिए होता है
थोड़ी कॉमेडी है
थोड़ी ट्रेजेडी है
है प्यारी सी लघुकथा
जिसे अड्डे पर बैठ
दोस्तों को सुननी है
स्कूल कॉलेज के बच्चे
न जाने कब
सच्चा प्यार कर लेते है
जिनके जेब में अठन्नी नही
वो अंगूठियां खरीदते है
बचकाना सा है
पर प्यारा सा है
फास्ट फॉरवर्ड लव का
ज़माना जो है
इस एक हफ्ते में न जाने
कितनो को इश्क होता है
दिल टूटे तो निराश न होना
वेलेंटाइन हर साल होता है
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